कर्तव्य Obligation.

   
मानव समाज मे कर्तव्य मानव के सर्वश्रेष्ठ गुण के रूप मे माना गया है।यही वह गुण है जो मानव को सामान्य से सर्वश्रेष्ठ बना देता है। कर्तव्य मानव समाज मे परिवार व समाज के उत्थान के लिए कर्म करने के लिए प्रेरित करता है।
हमारे समाज मे कर्तव्य परायणता को निभाने वाले अनेक उदाहरण मिलते है जैसे दानवीर कर्ण का कवच कुंडल दान, महादेव शिव का विषदान, पन्नाधाय का अपने पुत्र का बलिदान इत्यादि। इन सभी की कर्तव्य परायणता के कारण ही इनकी कीर्ति अमर हो गई ।

फिलिप के अनुसार ' Happiness is the natural flower of duty'

   आशय यह है कि कर्तव्य परायणता ऐसा गुण है जो कि जीवन को अमरत्व प्रदान करता है।उसकी अमरगाथा पुष्पपराग की तरह सर्वत्र फैल जाती है अतः मनुष्य को चाहिए कि वह कर्तव्य से विमुख ना हो, कर्तव्यपरायण बने, स्वार्थ भावना का त्याग करके प्रकृति व समाज के प्रति अपने कर्तव्य को समझे।

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